मेरी मां
जिसने कभी कुछ ना चाह उसकी चाहत हूं में जिसने सींचा अपने लहू से वह मां ही है
वह अंकुरित बीज हूं में एक परी जो भेजी है खुदा ने
जिसे मां कहता हूँ में
जिसका मूल्य नहीं जग में
मां तेरा स्नेह है शांत हवा सा हमेशा बहता है हवा के संग जिसके प्रेम का कोई अंत नहीं वह है मेरी मां
तेरी सख्त आंखों ने
प्रेम दिया मुझे
तेरी बाहों ने गले लगाया मुझे
सबक दिया मुझे तेरे कोमल हृदय ने तेरे शब्दो से मिली है सीख मुझे मेरे लड़खड़ाते कदमों को संभाला है जिसने
मेरी मां ने पाला है मुझे

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