चित्तौड़गढ़ जिला दर्शन चित्तौड़गढ़ जिले की सम्पूर्ण जानकारी | Chittorgarh District GK in Hindi | चित्तौड़गढ़ जिला Rajasthan GK in Hindi
चित्तौड़गढ़ के उपनाम
- राजस्थान का गौरव
- राजस्थान की सीमेंट नगरी
- भक्ति और शक्ति का नगर
- परिवहन कोड RJ 09
- शुभंकर चोशिंगा है
- इतिहास- चित्तौड़गढ़ शीवी जनपद का हिस्सा था। शीवी जनपद की राजधानी माध्यमिक का थी जिसका वर्तमान नाम नगरी है
- चित्तौड़गढ़ की स्थापना चित्रांगद मौर्य के द्वारा की गई नवी शताब्दी में चित्तौड़गढ़ की स्थापना चित्रांगद मौर्य ने की थी
- वर्तमान स्थित- चित्तौड़गढ़ उदयपुर संभाग में आता है
- चित्तौड़गढ़ की सीमा- राजस्थान के भीलवाड़ा राजसमंद उदयपुर प्रतापगढ़ कोटा और बूंदी से लगती है इसकी अंतर राज्य सीमा मध्यप्देश राज्य के साथ लगती है
- चित्तौड़गढ़ की जलवायु सामान्यत आद्र है
- चित्तौड़गढ़ की वनस्पति में मुख्यतः सागवान वह चौड़े पत्ते वाली वनस्पति पाई जाती है
- यह जिला राजस्थान का सर्वाधिक नदियों वाला जिला है
- चित्तौड़गढ़ दो हिस्सों में आता है यह हिस्सा भैस रोड गढ़ और दूसरा चित्तौड़गढ़ खुद है
- चित्तौड़गढ़ जिला मध्य प्रदेश राज्य के साथ दो बार सीमा बनाता है
- चित्तौड़गढ़ जिले की आकृति घोड़े के नाल जैसी है
नदियां
चित्तौड़गढ़ की प्रमुख नदियां एवं उनकी संक्षिप्त जानकारी :
- चंबल नदी : इसका उद्गम मध्यप्रदेश के महूू से होता है। यह नदी चित्तौड़गढ़ के 84 गढ़ से राजस्थान राज्य में प्रवेश करती है। ब्राह्मणी नदी और चंबल नदी के संगम पर चूलिया जलप्रपात है यह भैंस रोड गढ़ में स्थित है यह जलप्रपात राजस्थान का सर्वाधिक ऊंचा जलप्रपात है इसकी ऊंचाई 18 मीटर है। इसके अलावा इस नदी पर राणा प्रताप सागर बांध भी स्थित है यह जलभराव की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा बांध है।
- बनास नदी : इसका उद्गम राजसमंद के खमनोर की पहाड़ियों से होता है यह नदी राजसमंद से निकलकर चित्तौड़गढ़ में आती है और यही चित्तौड़गढ़ में मातृकुंडिया बांध भी बना है जो इस नदी के ऊपर बना है और इस बांध में जलापूर्ति भीलवाड़ा के मेजा बांध से की जाती है और खमनोर के पहाड़ियों में चेती गुलाब की खेती भी की जाती है।
- बेड़च नदी : इस नदी का उद्गम गोगुंदा की पहाड़ी उदयपुर से आयाड़ या आहड़ नदी केे रूूप में होता है। उदयपुर में उदय सागर झील से से निकल कर राजस्थान के चित्तौड़़ में प्रवेेेेश करती हैैैै। चित्तौड़गढ़ में बाढ़ और गंभीरी नदी मिलती हैै। इसके संगम को सामेल कहा जाता है। और इसी संगम पर चितौड़गढ़ का किला स्थित है। और याद रहे चितौड़गढ़ बेडच नदी के किनारे स्थित है।
प्रमुख स्थान
1. चित्तौड़गढ़ दुर्ग
चित्तौड़गढ़ दुर्ग का निर्माण सातवीं शताब्दी में चित्रांगद मौर्य के द्वारा करवाया गया था
- इस दुर्ग के वास्तुकार मंडल नापा पोमा और पुंजा थे।
- यह दुर्ग राजस्थान का सबसे बड़ा लिविंग फोर्ट है
- यहां पर खेती भी की जाती है
- इसकी आकृति व्हेल मछली नुमा है
- यह दुर्ग में सा के पठार पर स्थित है
- इस दुर्ग पर एक कहावत है कि गढ़ तो चित्तौड़ बाकी सब गढ़ैया
- इस दुर्ग के ऊपर डाक टिकट 15: 8 :1949 को ₹1 का जारी किया गया था
- इस दुर्ग में कुंभ स्वामी जी का मंदिर वराह मंदिर कलिका माता का मंदिर जिसे सूर्य मंदिर के नाम से भी जाना जाता है मोकल मंदिर और इसका मूल नाम त्रिभुवन मंदिर भी है इसके निर्माता राजा भोज थे आदि प्रकार के कई मंदिर स्थित है
- इसके अलावा फतेह प्रकाश महल जिसके निर्माता फतेह सिंह थे इसको वर्तमान में संग्रहालय भी बनाया गया
- पद्मिनी महल, गोरा बादल महल, भामाशाह की हवेली, नौगजा पीर की मजार भी इसी दुर्ग में स्थित है।
- चित्तौड़गढ़ दुर्ग को 2013 में यूनेस्को के विश्व हेरिटेज साइट में भी शामिल किया गया
2. विजय स्तम्भ
इसी दुर्ग में कीर्ति स्तंभ है इसको विजय स्तंभ और विष्णु स्तंभ भी कहते हैं इसके निर्माता महाराणा कुंभा थे जिन्होंने 1437 इसी में सारंगपुर के युद्ध में विजय के उपलक्ष्य में इसको बनाया था इसके वास्तुकार मंडल नापा पॉमा और पूंजा थे
- विजय स्तंभ 9 मंजिला है इसकी तीसरी मंजिल पर अरबी भाषा में 9 बार अल्लाह शब्द लिखा है
- विजय स्तंभ के उपनाम
- हिंदू मूर्तियों का अजायबघर
- भारतीय मूर्तिकला का विश्वकोश
- कीर्ति स्तंभ
- विष्णु स्तंभ
- राजस्थान पुलिस माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर के चेन्नई में भी विजय स्तंभ है
3 जैन कीर्ति स्थंभ
यह स्तंभ सात मंजिला है इसका निर्माण जीजाक महोदय ने करवाया था यह जैन धर्म के भगवान आदिनाथ से संबंधित है
4 मातृकुंडिया का मेला
हरनाथपुरा में मातृकुंडिया का मेला लगता है यह बनास नदी के किनारे स्थित है इसे राजस्थान का हरिद्वार और मेवाड़ का हरिद्वार भी कहते है।
5 बेंगु
यहां पर किसान आंदोलन 1921 से 1923 में हुआ था और इसी समय पर बैंगु में गोविंदपुरा हत्या कांड हुआ था जिसमें रूपा जी और कृपा जी शहीद हुए थे बेंगू किसान आंदोलन के नेतृत्व करता रामनारायण चौधरी थे।
चित्तौड़गढ़ में साके
चित्तौड़गढ़ जिले में प्रमुख 3 साके हुए थे
- पहला - 1303 में अलाउद्दीन खिलजी और राणा रतन सिंह के मध्य युद्ध हुआ था। अलाउद्दीन खिलजी नेेेे इस दुर्ग को जीतकर इसका नाम खिरजाबाद रखा था।
- दूसरा - 1334 में दूसरा साका हुआ इस समय बहादुर शाह और विक्रमादित्य के मध्य युद्ध हुआ और रानी कर्णावती ने जौहर किया था
- तीसरा साका - 1567 से 68 के मध्य तीसरा शाखा हुआ इसमें अकबर और उदय सिंह के मध्य युद्ध हुआ और रानी फूलवती ने जौहर किया।
6. चित्तौड़गढ़ के अभयारण्य
- बस्सी अभयारण्य इस अभ्यारण की स्थापना 1928 में की गई थी यह अभ्यारण ब्राह्मणी नदी के किनारे स्थित है
- भैंस रोड गढ़ अभयारण्य इस अभयारण्य की स्थापना 1983 में की गई थी।
- 1969 में चित्तौड़गढ़ मधुबन की भी स्थापना की गई थी।
Importen about चितौड़
बस्सी
- बंसी क्षेत्र कठपुतली उद्योग एवं काष्ठ कला हेतु प्रसिद्ध है यहां पर लकड़ी के खिलौने बनते हैं
- DAP का कारखाना कपासन चित्तौड़गढ़ में है।
- घोसुंडा शिलालेख भी यहीं पर मिला है डॉक्टर भंडारण ने इसे पहली बार पढ़ा था। यहां से राजस्थान शब्द की सर्वप्रथम प्राप्ति राजस्थानीय के रूप में होती है।
- भेसरोड़गढ़ दुर्ग- भैंस रोड गढ़ दुर्ग चंबल ब्राह्मणी नदी के किनारे पर स्थित है इसे राजस्थान का वेल्लोर भी कहते हैं इसके निर्माता भेशासह व्यापारी थे
- 1932 में चित्तौड़गढ़ में मेवाड़ शुगर मिल्स की स्थापना की गई थी यह राजस्थान की प्रथम शुगर मिल्स थी इसी राजस्थान की द्वितीय शुगर मिल्स से गंगानगर शुगर मिल्स है।
- जेके सीमेंट का कारखाना भी चित्तौड़गढ़ में स्थित है।
- रावतभाटा इससे राजस्थान की अनु नगरी भी कहते हैं यहां पर राजस्थान परमाणु ऊर्जा शक्ति ग्रह स्थित है
- आकोला स्थल यहां पर बड़ली माता का मंदिर है यहां पर बाबू और जाजम प्रिंट प्रसिद्ध है यह आकोला बैराज नदी के किनारे स्थित है
- मांगरोल चित्तौड़गढ़ में राजस्थान का तीसरा सफेद सीमेंट का कारखाना स्थित है।
- सांवलिया जी का मंदिर मंडफिया गांव में स्थित है यहां पर भगवान कृष्ण की काली मूर्ति स्थित है।
- चित्तौड़गढ़ में जलझूलनी एकादशी को मेला भी लगता है
- बड़ली के शिव मंदिर बड़ली चित्तौड़गढ़ में है यहां पर 9:00 मंदिर है जो राजस्थान की महामारी शैली पर बने हैं इसको सर्वप्रथम प्रकाश में लाने का श्रेय कर्नल जेम्स टॉड को 1921 में जाता है।

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